अंडमान-निकोबार से जुड़े रोचक बातें | Facts About Andaman and Nicobar Islands

अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह भारत का एक केन्द्र शासित प्रदेश है। यह द्वीपसमूह अपने खूबसूरती के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। 572 छूटे-छोटे द्वीपों के इस समूह से जुडी कई ऐसी रोचक बातें हैं जिससे आप अनजान होंगे। तो चलिए जाने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के बारे में रोचक बातें..

 

अंडमान-निकोबार से जुड़े रोचक तथ्य – Facts About Andaman and Nicobar Islands in Hindi-

1). बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि देश में कहीं भी पहली बार पोर्ट ब्लेयर में ही तिरंगा फहराया गया था। जो की अण्डमान व निकोबार द्वीपसमूह की राजधानी हैं।

2). अंडमान द्वीप की उत्पत्ति को लेकर लोगों में तरह-तरह की मान्यताएं हैं। ऐसा माना जाता है कि अण्डमान शब्द मलय भाषा के शब्द हांदुमन से आया है जो हिन्दू देवता हनुमान के नाम का परिवर्तित रूप है। निकोबार शब्द भी इसी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ होता है नग्न लोगों की भूमि।

3). यहां रहने वाले मूल जनजाति बाहर से आने वाले लोगों के साथ घुलते-मिलते नहीं हैं। यहां के निवासी मुख्यतः ‘जार्वा’ जनजाति से हैं। यह 500 से भी कम की संख्या में हैं और बाहरी लोगों से बिल्कुल घुलते मिलते नहीं हैं।

4). वैश्विक स्तर पर आइलैंड बेहद चर्चित है लेकिन आज भी इसकी कई ऐसी जगहें हैं जहां इंसान पहुंच ही नहीं सका है। इसके कुल 572 आइलैंड्स में से 36 ही जाने या बसने लायक है। निकोबार में जाने के लिए सिर्फ रिसर्च या सर्वे के लिए ही चुनिंदा लोगों को इजाजत मिलती है। टूरिस्ट के लिए यहां जाना भी मुश्किल है।

5). यहां पर सबसे ज्यादा समुद्री कछुआ पाया जाता है। धरती का सबसे बड़ा कछुआ यहीं पर अपना ठिकाना बनाता है। इस कछुए का नाम Dermocheleys Coriacea है। यह साइज में बेहद बड़े होते हैं और हर साल अंडमान पहुंचते हैं। धरती का सबसे छोटा कछुआ ओलिव राइडली भी अंडमान पहुंचकर आसरा बनाता है। इसके आलावा हॉक्सबिल, ग्रीन कछुए भी पाए जाते हैं।

6). ब्रिटिश शासन इस स्थान का प्रयोग स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में अपनी दमन की नीति के अंतर्गत क्रांतिकारियों को भारत से दूर जेल में रखने के लिये करता था। इसी कारण से यह आंदोलनकारियों के मध्य ‘कालापानी’ के नाम से जाना जाता था। इसके लिये पोर्ट ब्लेयर में एक अलग जेल सेल्‍यूलर जेल का निर्माण किया गया जो ब्रिटिश काल में भारत के लिये साइबेरिया की तरह माना जाता था।

7). भारत के 20 रुपए के नोट पर जंगल वाला हिस्सा अंडमान द्वीप का ही है।

8). इस द्वीप में कमर्शियल फिशिंग बैन है। यह धरती की उन चुनिंदा जगहों में से हैं जहां मछलियों को उम्र पूरी कर मरने का अवसर मिलता है और वह अपनी जिंदगी जीती है।

9). भारत से ज्यादा अंडमान इंडोनेशिया और बर्मा के नजदीक है। अंडमान की इंडोनेशिया से दूरी 150 किलोमीटर है जबकि भारत की सीमा इससे 800 किलोमीटर दूर है।

10). अंडमान के आइलैंड्स पर सदी के पहले सूर्योदय की पहली किरण पड़ी थी। ऐसा सौभाग्य कैचल आइलैंड को मिला था।

11). अंडमान आइलैंड का 90 फीसदी इलाका सघन जंगली है। यह भारत के किसी भी राज्य से ज्यादा है।

12). अंडमान में बटरफ्लाई आपको खूब दिखेंगी। अंडमान तितलियों के लिए ‘हैप्पी आईलैंड’ है। आसपास के उष्णकटिबंधीय आइलैंड से ढेरों तितलियां यहां पहुंचती हैं।

13). अंडमान में कोकोनट क्रैब बहुत ज्यादा पाए जाते हैं। ये जमीन पर पाए जाने वाले सबसे विशाल क्रेब होते है जिनकी लंबाई 1 मीटर तक हो सकती है। इनका पसंदीदा आहार कोकोनेट होता है यह अपने मुंह से नारियल के मजबूत खोल को भी तोड़ देते है।

14). इस द्वीप पर सबसे ज्यादा बंगाली भाषा बोली जाती है। इसके अलावा हिन्दी, तमिल, तेलगू और मलयालम भाषा बोलने वाले लोग हैं।

15). अंडमान का स्टेट एनिमल है डुगोंग (Dudong)। यह एक समुद्री जीव है और अपने जोड़े संग बेहद शर्मीला रहता है। इनके 5 ब्रीडिंग सेंटर हैं जिसमें से एक अंडमान में है।

16). इंडिया में केवल अंडमान में ही आपको वाल्कोनो देखने को मिलेगा। भारत में एक ही सक्रिय ज्वालामुखी है, और ये अंडमान में ही है। ये आइलैंड पोर्ट ब्लेयर से 135 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां जाकर आप इस ज्वालामुखी को देख सकते हैं। यहां का ज्वालामुखी 28 मई 2005 में फटा था। तब से अब तक इससे लावा निकल रहा है।

17). पहला यूरोपीय जिसने अंडमान में अपनी कॉलोनी बनाई वह डेनिश (डेनमार्क का निवासी) था। यह 1755 में अंडमान पहुंचा था। अंग्रेज पहली बार 1789 में अंडमान पहुंचे थे, वह भी चंथम आइलैंड पर। अंग्रेजों ने यहां अपनी कॉलोनी और नेवल मिलिट्री बेस बनाया।

18). डेनिश कॉलोनियल रूल यहां 1868 में खत्म हुआ था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ब्रिटिशर्स ने इसे खरीद लिया था। इसके बाद आइलैंड का पूरा अधिकार अंग्रेजों के हाथ में चला गया।

19). द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंडमान और निकोबार एकमात्र भारत का ऐसा भूमिक्षेत्र था जिसपर जापान ने कब्जा जमाया था। जापान ने भारत के उत्तर पूर्व के कुछ हिस्सों को भी कब्जे में लिया था लेकिन सिर्फ 6 महीने के लिए। इस आइलैंड पर 3 साल तक जापान का कब्जा रहा था।

20). सुभाष चंद्र बोस ने अपनी ‘आजाद हिंद फौज’ को जापानी मदद से और मजबूत किया। यह द्वितीय विश्व युद्ध का ही दौर था। बोस ने उत्तर और दक्षिणी आइलैंड को शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप नाम दिया था।

21). अंडमान के दो आइलैंड्स का नाम ईस्ट इंडिया कंपनी के दो ऑफिसर्स के नाम पर रखा गया है। ये आइलैंड हैं- हेवलॉक और नील आइलैंड।

22). उत्तरी अंडमान द्वीप में स्थित प्रकृति प्रेमियों को बहुत पसंद आता है। यह स्थान अपने संतरों, चावलों और समुद्री जीवन के लिए प्रसिद्ध है। यहां की सेडल पीक आसपास के द्वीपों से सबसे ऊंचा प्वाइंट है जो 732 मीटर ऊंचा है। अंडमान की एकमात्र नदी कलपोंग यहां से बहती है।

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