मिलिए बंदूक वाली चाची से जो रात को देती है सड़कों पर पहरा, ताकी सुरक्षित रह सके गांव की बेटियां

यूपी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए भले ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने एंटी रोमियो दल बना रखा हो लेकिन उसका कितना फायदा हो रहा इसका अंदाजा रोज मिलने वाली छेड़छाड़ की खबरों को देखकर लगाया जा सकता है। लेकिन इनसब के बीच यूपी के ही शाहजहांपुर में एक ऐसी महिला है जिसने पिछले 5 सालों से अपने गांव में महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा रखी है। ये महिला जब हाथों में बंदूक लिए सड़क पर निकलती है तो लड़कियों पर गलत नजर रखने वाले सोहदे किस्म के लोगों की सामत आ जाती है। ये महिला जब रातों में सड़क पर पहरा देती है तो गांव की लड़कियों के अंदर सुरक्षा की भावना पैदा होती है। प्यार से गांव की लड़कियां इस महिला को बंदूक वाली चाची बुलाती है।

42 साल की शहाना बेगम की शादी के कुछ सालों बाद जब उनके पति की मौत हो गई तो चार बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। पूरे परिवार को चलाते और समाद से लड़ते लड़ते वक्त ने शहाना को इतना मजबूत बना दिया कि अब वो खूद के साथ-साथ दूसरों के लिए भी आवाज उठाने लगी। इस बीच साल 2013 में उनके गांव में एक लड़की के साथ 2 लोगों ने बलात्कार किया। उस वक्त पीड़ित लड़की की मदद के लिए कोई सामने नहीं आया। ऐसे में शहाना ने अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए उस लड़की को न्याया दिलाने में उसकी मदद की और खुद ही दोनों आरोपियों को पकड़ कर पुलिस के पास ले गई। हालांकि जेल होने के बाद उनमें से एक आरोपी ने उस लड़की से शादी कर ली। इस घटना में शहाना को अंदर तक झकझोर दिया। जिसके बाद शहाना ने सोहदों से लड़ने के लिए बंदूक उठा ली। 

लोग बताते हैं कि पिछले 5 सालों से लगातार शहाना रोज रात में अपनी बंदूक लेकर सड़कों पर निकल जाती है और पूरे गांव में पहरा देती है। शहाना के इस कदम का फायदा ये हुआ है कि गांव में अपराध और लड़कियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं में गिरावट आई है। जहां लड़कियां पहले गांव में घर से बाहर निकलने में भी डरती थी, वहीं आत वो बेखौफ होकर कहीं भी आ-जा सकती है। महिलाओं के साथ कुछ भी बुरा होता है तो वो पुलिस के पास दाने से पहले बंदूक वाली चाची के पास जाती है।

महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्‍याचार का पुरजोर विरोध करने वाली शहाना गांव के विकास के लिए काफी आगे रहती हैं। आज आलम यह है कि जमीन के बंटवारे से लेकर पानी की समस्‍या तक हर कोई शाहना के पास मदद मांगने आता है। आज शहाना सिर्फ अपने गांव में नहीं बल्कि आस पास के गांव में भी लोगों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं और लोग बंदूक वाली चाची के तर्ज पर अपने गांव में भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठा रहे हैं।

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